TET For Primary Teacher: देश के लाखों शिक्षकों के लिए टीईटी को लेकर फिर से उम्मीद जगी है। काफी समय से टीईटी अनिवार्य होने को लेकर शिक्षक परेशान हैं। अब केंद्र सरकार की तरफ से इस मामले में हलचल शुरू हुई है। इससे यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में कोई राहत भरा फैसला लिया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ी थी परेशानी
टीईटी को लेकर पहले आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश के कई राज्यों में पढ़ा रहे शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई थी। खासकर वे शिक्षक जो बिना टीईटी पास किए कई सालों से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। इस फैसले के बाद उनकी नौकरी पर खतरा मंडराने लगा था। उत्तर प्रदेश झारखंड मध्य प्रदेश राजस्थान जैसे राज्यों में ऐसे लाखों शिक्षक हैं जो लंबे समय से सेवा दे रहे हैं लेकिन टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। ऐसे शिक्षक मानसिक तनाव में आ गए थे। उनका कहना है कि वे बच्चों को पढ़ाएं या फिर खुद परीक्षा की तैयारी करें।
केंद्र सरकार ने राज्यों से मांगी जानकारी
इस पूरे मामले को देखते हुए केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने अब बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों से टीईटी से जुड़े शिक्षकों की पूरी जानकारी मांगी है। इसमें पूछा गया है कि कितने शिक्षक 2011 से पहले नियुक्त हुए थे और कितने शिक्षक 2011 के बाद भर्ती किए गए।इ सके साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि कितने शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक टीईटी या सीटेट पास नहीं किया है। केंद्र सरकार यह भी जानना चाहती है कि ऐसे शिक्षकों को राहत देने के लिए क्या रास्ता निकाला जा सकता है।
लाखों शिक्षक हो रहे हैं प्रभावित
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश में ही करीब 1.86 लाख शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने टीईटी पास नहीं किया है। राजस्थान में लगभग 80 हजार शिक्षक इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। अगर पूरे देश की बात करें तो यह संख्या 10 से 12 लाख तक पहुंच सकती है।इ नमें से कई शिक्षक ऐसे हैं जिनकी उम्र अब ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में उनके लिए दोबारा परीक्षा पास करना आसान नहीं है। कई शिक्षक 20 से 25 साल तक सेवा दे चुके हैं।
दो साल में टीईटी पास करने की शर्त
सरकार की मौजूदा व्यवस्था के तहत बिना टीईटी पढ़ा रहे शिक्षकों को तय समय में परीक्षा पास करनी होती है। कई राज्यों में यह समय सीमा दो साल रखी गई है। अगर शिक्षक इस समय में टीईटी पास नहीं कर पाते हैं तो उनकी नौकरी जा सकती है। कुछ मामलों में यह भी कहा गया है कि जिन शिक्षकों की नौकरी में पांच साल से कम समय बचा है उन्हें राहत दी जा सकती है। लेकिन अगर वे प्रमोशन चाहते हैं तो उन्हें भी टीईटी पास करना जरूरी होगा।
शिक्षक संगठनों की मांग
टीईटी को लेकर शिक्षक संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि पुराने शिक्षकों को राहत दी जाए। उनका कहना है कि जो शिक्षक सालों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं उन्हें एक परीक्षा के कारण बाहर करना सही नहीं है।शिक्षक संगठनों ने कई बार धरना प्रदर्शन भी किया है और सरकार को ज्ञापन भेजे हैं। उनका साफ कहना है कि अनुभव को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
क्या मिल सकती है राहत
केंद्र सरकार द्वारा राज्यों से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा। अगर सरकार कोई नीतिगत फैसला लेती है तो लाखों शिक्षकों को राहत मिल सकती है।अब सभी की नजर केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी है। आने वाले समय में यह साफ हो जाएगा कि टीईटी को लेकर शिक्षकों को राहत मिलती है या नहीं।

